
नई दिल्ली | 29 जुलाई, 2026
देश की बदलती सामाजिक और आर्थिक आवश्यकताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमुख मंत्रालयों से युवा सोच, नवाचार और तेज़ निर्णय क्षमता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी तंत्र को समय के साथ अधिक गतिशील, तकनीक-सक्षम और जन-केंद्रित बनना होगा ताकि देश की विकास यात्रा को नई गति मिल सके।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों से भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप कार्य संस्कृति विकसित करने, नई पीढ़ी की अपेक्षाओं को समझने तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार लाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से नवाचार को प्रोत्साहित करने और प्रभावी, पारदर्शी तथा उत्तरदायी शासन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। ऐसे में नीति निर्माण और प्रशासनिक व्यवस्था को युवाओं की आकांक्षाओं, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप ढालना समय की आवश्यकता है। इससे निवेश, रोजगार, स्टार्टअप संस्कृति और सुशासन को नई दिशा मिल सकती है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल प्रशासनिक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में तकनीकी नवाचार, कुशल कार्यप्रणाली और नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर बढ़ता फोकस भारत की विकास गति को और अधिक मजबूत बना सकता है।


