
नई दिल्ली | 18 जुलाई 2026
भारत ने सतत एवं स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन चालित यात्री ट्रेन का सफल शुभारंभ किया है। हरियाणा के जींद–सोनीपत रेल मार्ग पर शुरू की गई यह ट्रेन भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से संचालित यह अत्याधुनिक ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न करती है, जिसके परिणामस्वरूप केवल जलवाष्प (Water Vapour) का उत्सर्जन होता है। यह तकनीक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पूरी तरह भारत में विकसित इस 10-कोच ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा प्रणालियाँ, उन्नत हाइड्रोजन भंडारण व्यवस्था तथा यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। जींद–सोनीपत मार्ग पर इसका संचालन एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया है, जिससे भविष्य में देश के अन्य उपयुक्त रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन रेल मार्गों का पूर्ण विद्युतीकरण व्यावहारिक नहीं है, वहाँ हाइड्रोजन ट्रेनें एक प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प सिद्ध हो सकती हैं। यह पहल भारत के हरित हाइड्रोजन मिशन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा वर्ष 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी।
इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिन्होंने हाइड्रोजन आधारित रेल परिवहन को सफलतापूर्वक अपनाया है। यह परियोजना भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता, तकनीकी नवाचार और सतत विकास के प्रति देश की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा भविष्य की स्वच्छ और आधुनिक रेल व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।


