
नई दिल्ली, 18 जुलाई 2026।
भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘सेमिकॉन 2.0’ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, चिप डिज़ाइन, पैकेजिंग तथा अनुसंधान एवं विकास को नई गति प्रदान करना है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों की स्थापना, उन्नत तकनीक के विकास तथा कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, सेमिकॉन 2.0 कार्यक्रम से इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), दूरसंचार, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा उत्पादन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलेगा। साथ ही, देश में हजारों उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आयातित चिप्स पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी।
यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगी। सरकार का लक्ष्य है कि भारत केवल चिप्स का उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि उनके निर्माण और निर्यात का भी प्रमुख वैश्विक केंद्र बने।
सेमिकॉन 2.0 को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। यह निर्णय न केवल देश के औद्योगिक विकास को नई गति देगा, बल्कि भारत को भविष्य की उन्नत प्रौद्योगिकियों में अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


