भारत | वैश्विक | 05.01.2026 – शिक्षा, सशक्तिकरण और सतत सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक संगठन स्वर्ण भारत परिवार ने अपने विजन 2026 की औपचारिक घोषणा की है। यह विजन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और अंतरराष्ट्रीय CSR–ESG फ्रेमवर्क के अनुरूप तैयार किया गया एक वैश्विक सामाजिक रोडमैप है।
विजन 2026 के अंतर्गत शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यावरण संरक्षण और सतत मॉडल समुदायों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल भारत, अफ्रीका सहित अन्य वंचित क्षेत्रों में लागू की जाएगी, जिसमें मापनीय, दीर्घकालिक और समुदाय-केंद्रित प्रभाव को प्राथमिकता दी गई है।
- शिक्षा और स्कूल: सामाजिक विकास की आधारशिला
शिक्षा स्वर्ण भारत परिवार के कार्यों का मुख्य आधार है। संगठन का उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्कूलों और शिक्षण प्रणालियों को सशक्त बनाना है, ताकि बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, मूल्य-आधारित शिक्षा सुलभ हो सके।
इस अवसर पर संगठन के संस्थापक एडवोकेट पीयूष पंडित ने कहा,
“शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सोच, चरित्र और जिम्मेदारी को जागृत करने का माध्यम होनी चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे और युवा का अधिकार है, न कि विशेषाधिकार।” उन्होंने आगे कहा कि मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव मजबूत स्कूलों से ही रखी जाती है।
- कौशल, आजीविका और युवा सशक्तिकरण
विजन 2026 के तहत कौशल विकास और रोजगारयोग्यता को विशेष प्राथमिकता दी गई है। संगठन युवाओं को व्यावहारिक, भविष्य-उन्मुख और रोजगार से जुड़े कौशल प्रदान करने की दिशा में कार्य करेगा।
एडवोकेट पीयूष पंडित ने कहा, “भविष्य उन्हीं का है जिनके पास कौशल और सही सोच है। कौशल विकास शिक्षा और आजीविका के बीच की कड़ी है, जिससे युवा सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि युवा केवल भविष्य के नेता नहीं हैं, बल्कि आज के सक्रिय भागीदार हैं।
- महिला सशक्तिकरण: समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़
महिला सशक्तिकरण विजन 2026 का एक प्रमुख स्तंभ है। उद्यमिता, नेतृत्व विकास और आर्थिक भागीदारी के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर और निर्णय लेने में सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा।
“जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है। महिला सशक्तिकरण दान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण है,” एडवोकेट पंडित ने कहा।
- ई-विलेज: सतत और आत्मनिर्भर ग्राम मॉडल
स्वर्ण भारत परिवार की ई-विलेज पहल भविष्य के गांवों का एक समग्र मॉडल प्रस्तुत करती है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी, आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण को एकीकृत किया गया है।
“ई-विलेज केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भविष्य के गांवों की कल्पना है—जहां गांव आत्मनिर्भर, शिक्षित, स्वस्थ और विश्व से जुड़े हों,” संस्थापक ने कहा।
- पारदर्शिता और वैश्विक उत्तरदायित्व
संगठन ने स्पष्ट किया कि विजन 2026 के अंतर्गत सभी परियोजनाएं यूएन–सीएसआर निगरानी मानकों, एसडीजी आधारित संकेतकों और पारदर्शी प्रभाव रिपोर्टिंग के तहत संचालित की जाएंगी।
समापन में एडवोकेट पीयूष पंडित ने कहा कि स्वर्ण भारत परिवार की यात्रा सेवा, मूल्यों और साझेदारी पर आधारित है, जिसका लक्ष्य एक जिम्मेदार, सशक्त और सतत वैश्विक समाज का निर्माण करना है।


