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नई दिल्ली में भव्यता के साथ संपन्न हुआ भारत विद्यालय नेतृत्व शिखर सम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह 2026

नई दिल्ली में भव्यता के साथ संपन्न हुआ भारत विद्यालय नेतृत्व शिखर सम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह 2026

15 राज्यों के प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रतिष्ठित हस्तियों का ऐतिहासिक संगम

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2026।  शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, नवाचार, गुणवत्ता, वैश्विक सहयोग और संस्थागत विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से विश्व विद्यालय प्रधानाचार्य गठबंधन (वर्ल्ड एलायंस ऑफ स्कूल प्रिंसिपल्स – WASP) द्वारा आयोजित भारत विद्यालय नेतृत्व शिखर सम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह 2026 का भव्य आयोजन 25 अक्टूबर 2026 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सी. डी. देशमुख सभागार, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।

यह प्रतिष्ठित आयोजन केवल एक शिखर सम्मेलन और सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा जगत के अनुभवी नेतृत्वकर्ताओं, विद्यालय प्रमुखों, विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ पदाधिकारियों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, उद्यमियों, सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूतों तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित हस्तियों को एक साझा मंच पर जोड़ने की एक सार्थक पहल रहा।

कार्यक्रम में भारत के 28 राज्यों में से 15 राज्यों के प्रतिनिधियों की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विभिन्न राज्यों से आए विद्यालय नेतृत्वकर्ताओं, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और शिक्षा जगत के विविध क्षेत्रों में कार्यरत अनुभवी व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने इस विचार को मजबूती दी कि शिक्षा के विकास के लिए सामूहिक नेतृत्व, साझा अनुभव और परस्पर सहयोग अत्यंत आवश्यक हैं।

डॉ. दीपशिखा का दूरदर्शी मिशन: शिक्षा जगत को एक मंच पर जोड़ना

इस आयोजन की परिकल्पना और नेतृत्व के केंद्र में डॉ. दीपशिखा, संस्थापक एवं अध्यक्ष, विश्व विद्यालय प्रधानाचार्य गठबंधन (WASP) का वह दूरदर्शी दृष्टिकोण रहा, जिसके अंतर्गत शिक्षा जगत के अनुभवी नेतृत्वकर्ताओं को एक साथ लाकर सहयोग, संवाद और सकारात्मक परिवर्तन की नई संभावनाएँ विकसित करना प्रमुख उद्देश्य है।

इस अवसर पर डॉ. दीपशिखा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा:

“हमारे देश और दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक ऐसे अनुभवी, प्रतिभाशाली और समर्पित नेतृत्वकर्ता हैं, जिन्होंने वर्षों की मेहनत, ज्ञान और अपने अनुभवों से शिक्षा को नई दिशा दी है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यदि हम सभी एक छत के नीचे एक साथ आकर अपने अनुभवों, विचारों और विशेषज्ञता को साझा करें, तो हम शिक्षा के क्षेत्र में कहीं अधिक प्रभावशाली और स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं।

WASP की स्थापना के पीछे भी यही सोच है कि विद्यालय प्रमुखों, विश्वविद्यालयों के नेतृत्वकर्ताओं, शिक्षाविदों और शिक्षा जगत के विभिन्न हितधारकों को एक ऐसा साझा मंच दिया जाए, जहाँ वे एक-दूसरे से सीख सकें, एक-दूसरे को सशक्त बना सकें और मिलकर शिक्षा के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर सकें।

हमारा उद्देश्य केवल लोगों को एक मंच पर एकत्र करना नहीं है, बल्कि उनके अनुभवों और क्षमताओं को एक साझा मिशन से जोड़ना है। जब शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षों का अनुभव रखने वाले लोग एक साथ आते हैं, तो उनके सामूहिक ज्ञान, नेतृत्व और दृष्टिकोण से असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।

WASP का मिशन शिक्षा जगत के नेतृत्वकर्ताओं को जोड़ना, उन्हें सशक्त बनाना और सहयोग की संस्कृति विकसित करना है। हमारा दृष्टिकोण एक ऐसे वैश्विक शैक्षिक समुदाय का निर्माण करना है, जहाँ नेतृत्वकर्ता मिलकर सीखें, नवाचार करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर शैक्षिक अवसरों का निर्माण करें।

मेरा मानना है कि शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब हम व्यक्तिगत उपलब्धियों से आगे बढ़कर सामूहिक उत्तरदायित्व को अपनाएँ। यह आयोजन उसी सोच का प्रतिबिंब है—जहाँ अनुभव, नेतृत्व और प्रतिबद्धता एक साझा उद्देश्य के लिए एक साथ आए हैं।”

डॉ. दीपशिखा के इस दृष्टिकोण ने आयोजन के मूल संदेश को रेखांकित किया कि शिक्षा का भविष्य केवल व्यक्तिगत संस्थानों के प्रयासों से नहीं, बल्कि विभिन्न संस्थानों, नेतृत्वकर्ताओं और विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयासों से अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

मुख्य अतिथि: अंतरराष्ट्रीय शिक्षा एवं उद्यमिता जगत की प्रतिष्ठित हस्ती

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. वर्जीनिया रिवेरा, अमेरिका, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुहेर एम्प्रेंडे लैटिना तथा संस्थापक, सोला प्रेन्योर्स रहीं। उनकी उपस्थिति ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य प्रदान किया और विभिन्न देशों के नेतृत्वकर्ताओं के बीच सहयोग, संवाद तथा अनुभवों के आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथि और सम्मानित व्यक्तित्व

समारोह में शिक्षा, उच्च शिक्षा, प्रशासन, उद्योग, मीडिया, सामाजिक परिवर्तन और कला सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने सहभागिता की।

सम्मानित अतिथि एवं विशिष्ट व्यक्तित्व

  1. डॉ. सुशील भार्गव — सह-कुलपति, माधव विश्वविद्यालय, राजस्थान।
  2. डॉ. भारती देसाई — सह-कुलाधिपति, माधव विश्वविद्यालय, राजस्थान।
  3. प्रो. डॉ. रश्मि भारद्वाज — अधिष्ठाता एवं वरिष्ठ प्राध्यापक, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय।
  4. प्रो. डॉ. धर्म बीर सिंह — कुलपति, अमरपाली विश्वविद्यालय।
  5. डॉ. पी. के. राजपूत — पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कैडिया फार्मा।
  6. हिरेन दोशी — कुलपति एवं महानिदेशक।
  7. डॉ. गंभीर सिंह चौहान — पूर्व संयुक्त सचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली।
  8. प्रो. बिस्वजीत साहा — निदेशक, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय।
  9. डॉ. सहदेव सिंह — उप सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।
  10. श्री एच. एस. रंधावा — सहायक पुलिस आयुक्त, आतंकवाद-रोधी विभाग।
  11. डॉ. संदीप मारवाह — संस्थापक, मारवाह स्टूडियोज; कुलाधिपति, एएएफटी विश्वविद्यालय।
  12. प्रो. रवि प्रकाश दुबे — कुलपति, रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय।
  13. डॉ. माधवी आडवाणी — संस्थापक, लग्ज़री कंपनी बिज़।
  14. लिज़ हार्टमैन — उद्यमी एवं प्रतिष्ठित डिज़ाइनर, अमेरिका एवं भारत।
  15. डॉ. प्रभाकर सिंह — संकाय प्रभारी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली।
  16. संतोष कुमार दीक्षित — वरिष्ठ पत्रकार, द पायनियर, नई दिल्ली।
  17. श्री जितेंद्र मणि त्रिपाठी — भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी, एजीएमयूटी संवर्ग, 2016 बैच, पुलिस उपायुक्त एवं अध्यक्ष।
  18. किरण सेठी — दिल्ली पुलिस की चर्चित महिला पुलिस अधिकारी।
  19. प्रतिभा प्रह्लाद — सामाजिक परिवर्तन की अग्रदूत, नृत्यांगना एवं शिक्षाविद्।
  20. प्रियंका पांडेय — गायिका एवं मंच संचालिका।
  21. प्रो. डॉ. तोसेंद्र द्विवेदी — मनोविज्ञान के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं कार्यकारी अधिकारियों के राष्ट्रीय प्रशिक्षक।
  22. प्रो. उमापति दीक्षित (डी. लिट.) — वरिष्ठ प्राध्यापक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिक्षा मंत्रालय।
  23. मंगत राम — अवर सचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग।

इन प्रतिष्ठित अतिथियों की सहभागिता ने शिक्षा और नेतृत्व के विभिन्न आयामों को एक साथ जोड़ते हुए आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

WASP का राष्ट्रीय नेतृत्व एवं राज्य निदेशक

WASP के राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्य स्तर पर संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने वाले प्रतिनिधियों की सहभागिता इस सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण पक्ष रही।

  1. प्रो. एन. के. सिन्हा — अध्यक्ष, WASP भारत।
  2. श्री शिव शंकर शुक्ला — राष्ट्रीय निदेशक, सरकारी मामले, नीतियाँ एवं रणनीतिक साझेदारियाँ, भारत।
  3. डॉ. विक्टर इग्नेशियस जोसेफ — देश निदेशक, नेपाल।
  4. डॉ. मनजीत कौर अरोड़ा — राज्य निदेशक, मध्य प्रदेश।
  5. डॉ. तृप्ति वोरा — राज्य निदेशक, तेलंगाना।
  6. डॉ. प्रतिभा डोलका — राज्य निदेशक, उत्तराखंड।
  7. श्री रामाशंकर कुमार — राज्य निदेशक, बिहार।
  8. डॉ. मोनिका ओहरी — राज्य निदेशक, दिल्ली।
  9. डॉ. एस्थर डी’रोज़ारियो — राज्य निदेशक, पश्चिम बंगाल।
  10. डॉ. ज़ेबा खान — राज्य निदेशक, राजस्थान।
  11. डॉ. एस. के. मिश्रा — राज्य समन्वयक, उत्तर प्रदेश।
  12. डॉ. आर. डी. सतीश — राज्य निदेशक, कर्नाटक।
  13. सुश्री आर. जयंती — राज्य निदेशक, तमिलनाडु।
  14. डॉ. इश्तियाक अहमद शेख — राज्य निदेशक, महाराष्ट्र।
  15. सुश्री मुक्ता अग्रवाल — राज्य निदेशक, हरियाणा।
  16. श्री अपूर्व देवगन — राज्य निदेशक, पंजाब।
  17. प्रो. हेमांशु परमार — राज्य निदेशक, गुजरात।

इन प्रतिनिधियों की सहभागिता ने WASP के राज्य एवं राष्ट्रीय नेटवर्क को सशक्त बनाने और विभिन्न क्षेत्रों के शैक्षिक नेतृत्वकर्ताओं के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के संगठन के संकल्प को प्रतिबिंबित किया।

WASP के कार्यकारी मंडल के सदस्य: सामूहिक नेतृत्व की शक्ति

WASP के कार्यकारी मंडल के सदस्यों ने संगठन के विकास, नेतृत्व संबंधी पहलों और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • श्री राजेंद्र शाह — कार्यकारी मंडल सदस्य, WASP।
  • डॉ. रीना मैक्सवेल — कार्यकारी मंडल सदस्य, WASP।
  • डॉ. मारिया सगीर — कार्यकारी मंडल सदस्य, WASP।
  • श्री नाहिद रज़ा — कार्यकारी मंडल सदस्य, WASP।
  • श्री प्रांतिक बोस — कार्यकारी मंडल सदस्य, WASP।
  • डॉ. दीप्ति शर्मा — कार्यकारी मंडल सदस्य, WASP।
  • श्री रोहित सिंह सेंगर — कार्यकारी मंडल सदस्य, WASP।
  • श्री विनीत त्रिपाठी — कार्यकारी मंडल सदस्य, WASP।

इन सभी सदस्यों का योगदान WASP की संगठनात्मक गतिविधियों, आपसी समन्वय और शैक्षिक नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के साझा प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

अधिवक्ता पीयूष पंडित की सहभागिता

पीयूष ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के संस्थापक अध्यक्ष अधिवक्ता पीयूष पंडित की सहभागिता ने आयोजन को नेतृत्व, संस्थागत सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों के बीच साझेदारी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाया। शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावशाली संपर्कों और सहयोग की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे साझा मंचों की भूमिका उल्लेखनीय है।

शिक्षा में उत्कृष्टता, नवाचार और नेतृत्व को समर्पित आयोजन

भारत विद्यालय नेतृत्व शिखर सम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह 2026 का उद्देश्य शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के साथ-साथ नेतृत्व की श्रेष्ठ परंपराओं को प्रोत्साहित करना और विद्यालयों तथा शैक्षणिक संस्थानों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में संवाद स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम ने इस विचार को प्रमुखता दी कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। इसमें प्रभावी नेतृत्व, नैतिक मूल्यों, नवाचार, समावेशिता, सामाजिक उत्तरदायित्व और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है।

विभिन्न राज्यों, विश्वविद्यालयों और शिक्षा जगत के अन्य क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि संस्थागत सीमाओं से आगे बढ़कर साझा उद्देश्यों पर कार्य करना समय की आवश्यकता है।

WASP का भविष्य-दृष्टिकोण: जहाँ विचारों को विस्तार मिलता है, वहीं नेतृत्व उभरता है

“जहाँ विचारों को विस्तार मिलता है, वहीं नेतृत्व उभरता है” — यह WASP की मूल भावना और भविष्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त करता है।

डॉ. दीपशिखा, संस्थापक एवं अध्यक्ष, WASP के नेतृत्व में संगठन शिक्षा जगत के नेतृत्वकर्ताओं को एकजुट करने, प्रधानाचार्यों एवं शैक्षणिक नेतृत्व को सशक्त बनाने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के नए अवसर विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

WASP का उद्देश्य ऐसा समुदाय विकसित करना है, जहाँ विद्यालय प्रमुखों, विश्वविद्यालयों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने, नए विचारों को आगे बढ़ाने तथा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने के अवसर प्राप्त हों।

नई दिल्ली में आयोजित यह सम्मेलन इसी व्यापक दृष्टिकोण की एक महत्वपूर्ण पहल रहा। 15 राज्यों के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की सहभागिता ने साझा नेतृत्व और सहयोग की शक्ति को रेखांकित किया।

जब अनुभव एक साथ आते हैं, तो संभावनाएँ बढ़ती हैं; जब नेतृत्व एक साझा उद्देश्य से जुड़ता है, तो परिवर्तन की राह मजबूत होती है।

WASP भविष्य में भी शिक्षा जगत के नेतृत्वकर्ताओं को जोड़ने, उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर शैक्षिक अवसरों के निर्माण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा।

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