Rashtriya Lakshya: Online News Portal

दिव्यांग सम्मान, शिक्षा और रोजगार के लिए समर्पित: समावेशी भारत का सपना साकार कर रहे हैं पीयूष पंडित

दिव्यांग सम्मान, शिक्षा और रोजगार के लिए समर्पित: समावेशी भारत का सपना साकार कर रहे हैं पीयूष पंडित

समावेशी भारत की मजबूत आवाज़ बने पीयूष पंडित, दिव्यांग सशक्तिकरण में निभा रहे अहम भूमिका

भारत में सामाजिक परिवर्तन, समावेशिता और सशक्तिकरण की नई सोच को आगे बढ़ाते हुए पीयूष पंडित लगातार शिक्षा, ग्रामीण विकास, दिव्यांग उत्थान, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए अवसर निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट, कार्तिकेय फाउंडेशन और पीयूष ग्रुप के माध्यम से देशभर में ऐसे अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं जिनका उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा देना है।

हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय खेल रत्न पुरस्कार कार्यक्रम में दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह संदेश दिया गया कि यह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन संघर्षशील खिलाड़ियों के साहस, प्रतिभा और उपलब्धियों को दुनिया के सामने लाने का माध्यम है।

इस अवसर पर पीयूष पंडित ने कहा:

“विकलांगता बीमारी नहीं, अवसर है कुछ अलग करके दिखाने का।” उन्होंने कहा कि समाज को दिव्यांगजनों को सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर और सम्मान देने की आवश्यकता है। सही प्रशिक्षण, शिक्षा और अवसर मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी और युवा देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन कर सकते हैं।

पीयूष पंडित का व्यक्तित्व और दिव्यांगजनों के लिए मिशन

पीयूष पंडित अपनी सरलता, संवेदनशील सोच और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। उनका मानना है कि किसी भी व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसकी मानवता, सेवा भावना और दूसरों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता से होती है। यही कारण है कि वे वर्षों से दिव्यांगजनों के सम्मान, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेश के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

उनकी सोच केवल सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक स्थापित करने के मिशन पर कार्य कर रहे हैं। पीयूष पंडित का विश्वास है कि दिव्यांग व्यक्ति किसी भी प्रकार से कमजोर नहीं होते, बल्कि सही अवसर, प्रशिक्षण और समर्थन मिलने पर वे असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

इसी उद्देश्य के साथ वे स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट, कार्तिकेय फाउंडेशन और पीयूष ग्रुप के माध्यम से शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, खेल प्रोत्साहन, रोजगार अवसर, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता से जुड़े कई अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं।

वे विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहते हैं कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति होती है। उनका मिशन एक ऐसे समावेशी भारत का निर्माण करना है जहां दिव्यांगजन सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और नेतृत्व प्राप्त करें।

स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट का उद्देश्य

स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट शिक्षा, ई-विलेज, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, महिला उद्यमिता, स्वास्थ्य, युवा प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे अनेक क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। ट्रस्ट का लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।

कार्तिकेय फाउंडेशन की भूमिका

कार्तिकेय फाउंडेशन विशेष रूप से शिक्षा, पुनर्वास, स्किल डेवलपमेंट, महिला सशक्तिकरण और दिव्यांगजनों के लिए रोजगार अवसर निर्माण पर कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

पीयूष ग्रुप : व्यवसाय के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व

पीयूष ग्रुप विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनी प्राथमिकता मानता है। समूह का विज़न केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक कल्याण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।

समूह द्वारा संचालित अनेक सामाजिक अभियानों में युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान किए जा रहे हैं ताकि वे सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।

समावेशी और सशक्त भारत की ओर एक कदम

स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट, कार्तिकेय फाउंडेशन और पीयूष ग्रुप का साझा उद्देश्य एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जहां हर व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान, शिक्षा और विकास का अधिकार मिले।

यह अभियान केवल सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे सशक्त और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास है जहां हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सके।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *