ब्यूरो प्रतापगढ़। कमासिन की पावन भूमि पर आयोजित हिंदू सम्मेलन में सनातन धर्म, सामाजिक समरसता, राष्ट्र सुरक्षा और कुटुंब प्रबोधन जैसे विषयों पर गंभीर व प्रेरक विचार रखे गए। कार्यक्रम की शुरुआत “मातृभूमि नमः, भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ हुई। संचालन गिरीश कुमार पांडेय ने किया।
मुख्य वक्ता प्रेम प्रकाश पांडेय त्यागी ने कहा कि सनातन धर्म एक वटवृक्ष है—अमर है, कभी गिरता नहीं, समय के साथ उसमें नई शाखाएँ निकलती रहती हैं। उन्होंने सभी सनातनियों से एकजुट होकर धर्म को सशक्त बनाए रखने का आह्वान किया।
काव्यात्मक अभिव्यक्ति में लालजी शुक्ला ने कहा—“है भरा नहीं जो भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं…”—और भावनात्मक जुड़ाव पर बल दिया।
अजेय जी जिला कार्यवाह, कुंडा ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हिंदू समाज चारों दिशाओं से चुनौतियों से घिरा है। इतिहास से सीख लेकर ही सुरक्षित भविष्य का निर्माण संभव है। उन्होंने जोर दिया कि सनातनी समाज को जाति-मत के भेद से ऊपर उठकर एक साथ चलना होगा, क्योंकि हमला किसी एक वर्ग पर नहीं, पूरे हिंदू समाज पर होता है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर और बंगाल के संदर्भ में चेताया कि परिस्थितियों की गंभीरता को समझते हुए सजग रहना समय की मांग है। भगवा ध्वज के सम्मान और आत्मरक्षा की भावना पर बोलते हुए उन्होंने भगवान श्रीराम के धनुष-बाण का उदाहरण दिया और कहा कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, धर्म-मर्यादा के अनुरूप सजगता और साहस आवश्यक है।
कुटुंब प्रबोधन सत्र में वक्ताओं ने परिवार को समाज की आधारशिला बताते हुए राम-भरत, सीता जैसे आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश दिया। कहा गया कि वाणी पर संयम, आपसी अपनत्व और सामाजिक समरसता से ही परिवार और समाज सुरक्षित रह सकता है।
संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में संघ की निरंतर वैचारिक यात्रा, सेवा कार्यों और विभिन्न क्षेत्रों में गठित इकाइयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बिना वैचारिक विचलन के सौ वर्षों की यात्रा संघ की मजबूती का प्रमाण है।
कार्यक्रम का समापन भारत माता की भव्य आरती और “भारत माता की जय, वंदे मातरम्, हर-हर महादेव” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।
मंच पर अजेय जी,ओम प्रकाश विभाग प्रचारक,लालजी शुक्ल,फूलचंद्र सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। आयोजन अश्वनी कुमार मिश्रा के आवास पर अभिनव मिश्रा के संयोजन में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अमन अग्रहरि,आशीष सिंह प्रिंस,आनंद शुक्ला,बद्री तिवारी,विवेक तिवारी,ललित तिवारी,धीरज मिश्रा,विकास तिवारी सहित बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे।


