
नई दिल्ली | अगस्त 2026
इश्कामा ग्लोबल चेंज (आईजीसी) कन्वेंशन 2026 का भव्य तीन दिवसीय आयोजन 6 से 8 अगस्त 2026 तक आयोजित किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत, यूनाइटेड किंगडम सहित विभिन्न देशों से व्यवसाय जगत के प्रतिनिधियों, उद्यमियों, निवेशकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नीति-विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, परोपकारियों और वैश्विक परिवर्तनकर्ताओं ने भाग लिया।
आईजीसी कन्वेंशन 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व, व्यापार, निवेश, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण प्रयास रहा। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में विचारों का आदान-प्रदान, नए संपर्कों का निर्माण, व्यापारिक संभावनाओं की तलाश और सामाजिक परिवर्तन के लिए साझेदारी पर विशेष जोर दिया गया।
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच नई साझेदारी का महत्वपूर्ण अध्याय
आईजीसी कन्वेंशन 2026 का एक विशेष और महत्वपूर्ण आकर्षण भारत के पीयूष ग्रुप और यूनाइटेड किंगडम की इश्कामा लिमिटेड के बीच साझेदारी रहा।
इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों संस्थाओं की क्षमताओं, वैश्विक नेटवर्क, अनुभव और संसाधनों को एक साथ लाकर व्यापार, निवेश, उद्यमिता, वैश्विक नेटवर्किंग, नेतृत्व विकास, सामाजिक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय अवसरों को बढ़ावा देना है।
यह साझेदारी इस विचार को मजबूत करती है कि भारत और यूनाइटेड किंगडम केवल व्यापारिक साझेदार ही नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार, निवेश और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में भी एक-दूसरे के महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकते हैं।
पीयूष ग्रुप और इश्कामा लिमिटेड के बीच यह सहयोग आने वाले समय में दोनों देशों के उद्यमियों, व्यवसायों, पेशेवरों और सामाजिक संगठनों के लिए नए अवसरों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पीयूष ग्रुप की वैश्विक दृष्टि और भारत से अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव
भारत की ओर से इस साझेदारी में एडवोकेट पीयूष पंडित, पीयूष ग्रुप के संस्थापक एवं चेयरमैन, की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पीयूष पंडित लंबे समय से व्यवसाय को सामाजिक उद्देश्य के साथ जोड़ने, शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और युवाओं के लिए अवसरों के निर्माण की दिशा में कार्य करने की अपनी सोच को आगे बढ़ाते रहे हैं।
पीयूष ग्रुप की विभिन्न पहलों के माध्यम से व्यवसाय, शिक्षा, सामाजिक विकास, तकनीक, ऊर्जा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में कार्य करने की दृष्टि को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पीयूष पंडित की सोच है कि व्यवसाय की वास्तविक सफलता केवल आर्थिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि समाज के लिए पैदा किए गए अवसरों और सकारात्मक प्रभाव में भी मापी जानी चाहिए।
भारत और यूके के बीच यह नई साझेदारी इसी व्यापक सोच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे ले जाने का प्रयास है।
आईजीसी: वैश्विक सहयोग और परिवर्तन का मंच
यूनाइटेड किंगडम से स्थापित इश्कामा ग्लोबल चेंज (आईजीसी) एक अंतरराष्ट्रीय चैरिटेबल संगठन है, जो समानता, विविधता, समावेशन, नेतृत्व, सहयोग और सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य करता है।
250 वैश्विक चैप्टर्स के नेटवर्क के साथ आईजीसी विभिन्न देशों के लोगों और संस्थाओं को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास कर रहा है।
आईजीसी का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना या उपलब्धियों का सम्मान करना नहीं है, बल्कि ऐसे संबंध और साझेदारियां बनाना है जो लंबे समय तक समाज और मानवता के लिए सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकें।
दूरदर्शी नेतृत्व के केंद्र में Prof. Amb. Dr. Abhnash K. Bains
आईजीसी के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के पीछे इसकी संस्थापक एवं चेयरपर्सन Prof. Amb. Dr. Abhnash K. Bains का दूरदर्शी नेतृत्व महत्वपूर्ण रहा है।
उनकी नेतृत्व शैली लोगों को जोड़ने, नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उपलब्धियों को समाज के हित से जोड़ने पर केंद्रित है।
उनका मानना है कि जब लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ते हैं, एक-दूसरे की सफलता में योगदान देते हैं और समाज को वापस देने की भावना रखते हैं, तो व्यक्तिगत सफलता सामूहिक प्रगति में परिवर्तित हो जाती है।
इसी विचारधारा के साथ आईजीसी ने एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच विकसित करने का प्रयास किया है, जहां व्यवसाय और मानवता, सफलता और सेवा तथा नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी साथ-साथ आगे बढ़ सकें।
समर्पित टीम ने बनाया सम्मेलन को सफल
आईजीसी कन्वेंशन 2026 की सफलता के पीछे एक समर्पित और प्रतिबद्ध टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आईजीसी की उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी Amb. Dr. Minakshi Koch, Dr. Neha Swami और Ibrahim सहित कार्यकारी टीम के सदस्यों Dr. Lipika Sharma, Dr. Poonam Sharma, Shruti Agarwalla, Dr. Sanchita Gairola, Dr. Sanya Sharma, Dr. Honey Sharma और Dr. Prachi Beriwala ने आयोजन के विभिन्न पक्षों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पूरी टीम के समर्पण, अनुशासन, समन्वय और टीम भावना ने सम्मेलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सामाजिक प्रभाव बना सम्मेलन का महत्वपूर्ण आधार
आईजीसी कन्वेंशन में सामाजिक जिम्मेदारी को विशेष स्थान दिया गया।
आईजीसी ने छांव फाउंडेशन, जो एसिड अटैक सर्वाइवर्स के सशक्तिकरण के लिए कार्य करता है, तथा सुरवी, जो महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, कौशल विकास और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत है, जैसी संस्थाओं का समर्थन किया।
इन संस्थाओं को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित करने के साथ-साथ निःशुल्क प्रदर्शनी स्टॉल और मंच प्रदान किए गए, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समक्ष अपने कार्यों और उपलब्धियों को प्रस्तुत कर सकें।
आईजीसी ने सामाजिक सरोकार को सम्मेलन तक सीमित न रखते हुए असम की बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए सहायता और धन-संग्रह के प्रयासों को भी आगे बढ़ाया।
Liza Hazarika और Padmini Koch के नेतृत्व में आईजीसी चेयर्स का समूह प्रभावित समुदायों के लिए सहायता जुटाने और राहत प्रयासों को मजबूत करने में सक्रिय रहा।
यह पहल स्पष्ट करती है कि आईजीसी के लिए नेतृत्व का अर्थ केवल पद या उपलब्धि नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है।
देश-विदेश के प्रतिष्ठित अतिथियों की सहभागिता
आईजीसी कन्वेंशन 2026 में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित अतिथियों और वक्ताओं की सहभागिता रही।
प्रमुख उपस्थित व्यक्तित्वों में राजयोगिनी बीके डॉ. बिन्नी सरीन, डॉ. मार्कंडेव राय, डॉ. संदीप मेहता, डॉ. रजत श्रीवास्तव और एडवोकेट पीयूष पंडित सहित अनेक विशिष्ट व्यक्तित्व शामिल रहे।
सम्मेलन में Shaik Mohammed Tajuddin Aref, Dr. Franca Borgia, Dr. Angela Soong, Dr. Virginia Rivera और Dr. Roop Sidana सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।
इनकी सहभागिता से सम्मेलन में वैश्विक नेतृत्व, व्यापार, निवेश, उद्यमिता, नवाचार, सामाजिक विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
उत्कृष्टता और सामाजिक योगदान का सम्मान
कन्वेंशन का एक प्रमुख आकर्षण आईजीसी सम्मान समारोह रहा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
इन सम्मानों का उद्देश्य केवल उपलब्धियों को पहचान देना नहीं, बल्कि उन प्रेरणादायक यात्राओं को दुनिया के सामने लाना भी था, जिन्होंने कठिनाइयों के बावजूद सफलता हासिल की और समाज में सकारात्मक प्रभाव पैदा किया।
आईजीसी का मानना है कि सम्मान किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की शुरुआत है।
व्यापार और सामाजिक जिम्मेदारी का संगम
आईजीसी कन्वेंशन 2026 ने यह संदेश दिया कि आर्थिक विकास और सामाजिक विकास को अलग-अलग नहीं देखा जाना चाहिए।
व्यवसायी, निवेशक, उद्यमी, सामाजिक संगठन, शिक्षाविद, नीति-निर्माता और सामुदायिक नेता जब एक मंच पर आते हैं, तो नए विचारों के साथ-साथ नए अवसर और नई साझेदारियां भी जन्म लेती हैं।
भारत–यूके साझेदारी इसी दृष्टिकोण का एक उदाहरण है, जिसमें व्यापारिक अवसरों के साथ सामाजिक प्रभाव और वैश्विक सहयोग की संभावनाओं को भी महत्व दिया गया है।

भारत–यूके से विश्व तक साझेदारी का संदेश
पीयूष ग्रुप भारत और इश्कामा लिमिटेड यूके के बीच सहयोग केवल दो संस्थाओं के बीच संबंध नहीं, बल्कि दो देशों के बीच बढ़ते व्यावसायिक, सामाजिक और वैश्विक सहयोग की भावना का प्रतिनिधित्व करता है।
यह साझेदारी आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसरों, संपर्कों, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग का आधार बन सकती है।
इस पहल का व्यापक संदेश है—
“एक देश की शक्ति और दूसरे देश की विशेषज्ञता जब साझा उद्देश्य के साथ जुड़ती है, तो वह साझेदारी सीमाओं से आगे जाकर वैश्विक अवसरों का निर्माण करती है।”
तीन दिनों से आगे—एक स्थायी वैश्विक विरासत
आईजीसी कन्वेंशन 2026 केवल तीन दिनों का कार्यक्रम नहीं था। यह नेतृत्व, उपलब्धि, मित्रता, साझेदारी, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्सव रहा।
कन्वेंशन के दौरान बने संबंध, हुई चर्चाएं और साझा किए गए विचार आने वाले समय में नई व्यापारिक साझेदारियों, निवेश अवसरों, सामाजिक पहलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में परिवर्तित हो सकते हैं।
आईजीसी की यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट है—
लोगों को जोड़ना, नेतृत्व को सशक्त बनाना, अवसरों का निर्माण करना और सकारात्मक परिवर्तन को गति देना।
वहीं पीयूष ग्रुप की अंतरराष्ट्रीय दृष्टि के साथ भारत–यूके साझेदारी इस वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
एक नई शुरुआत, एक साझा संकल्प
आईजीसी कन्वेंशन 2026 ने एक महत्वपूर्ण संदेश दुनिया के सामने रखा—
“जब लोग साथ आते हैं तो संबंध बनते हैं, जब संस्थाएं साथ आती हैं तो साझेदारियां बनती हैं, और जब साझेदारियां साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ती हैं तो परिवर्तन की शुरुआत होती है।”
भारत से पीयूष ग्रुप और यूनाइटेड किंगडम से इश्कामा लिमिटेड के बीच साझेदारी इसी परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह पहल भारत और यूके के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार, नेतृत्व, उद्यमिता और सामाजिक प्रभाव के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक बन सकती है।


