
नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026
भारत को वैश्विक रसायन विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘भव्य रसायन’ (BHAVYA Rasayan) योजना को मंजूरी प्रदान की है। ₹3,030 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश में तीन विश्वस्तरीय रसायन पार्कों का विकास किया जाएगा, जो आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना, निवेश और रोजगार सृजन को नई दिशा देंगे।
इस योजना का उद्देश्य रसायन उद्योग के लिए एक ऐसा सशक्त औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जहाँ उद्योगों को आधुनिक सुविधाएँ, बेहतर लॉजिस्टिक्स, साझा उपयोगिताएँ और पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना उपलब्ध हो सके। इससे देश में रसायन उत्पादन की क्षमता बढ़ने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता भी मजबूत होगी।
सरकार का मानना है कि इन रसायन पार्कों के विकसित होने से घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, विनिर्माण लागत में कमी आएगी तथा आपूर्ति श्रृंखला अधिक प्रभावी बनेगी। साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
यह योजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के उद्देश्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय औद्योगिक सुविधाओं के माध्यम से भारत वैश्विक रसायन आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
उद्योग जगत ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह पहल भारतीय रसायन क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक रसायन पार्क न केवल निर्यात को बढ़ावा देंगे, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और सतत औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहित करेंगे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की यह मंजूरी भारत के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।


