
नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026
दिल्ली में सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन के बाद घायल हुए छात्रों से मिलने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती छात्रों का हालचाल जाना, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की तथा घटना के संबंध में जानकारी ली।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और छात्रों के घायल होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मांगों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए।
सीजेपी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद कई छात्र घायल हुए और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
अस्पताल से बाहर निकलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद ही समस्याओं का समाधान है और छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की अनावश्यक कठोरता उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घायल छात्रों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।
इस घटना के बाद छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।
राहुल गांधी का बयान: “लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए।”


