
नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026
भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देते हुए देश के आधारभूत (कोर) ढांचा क्षेत्र ने जून 2026 में पिछले पाँच महीनों की सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, जून महीने में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 5 प्रतिशत रही, जो बिजली उत्पादन, सीमेंट निर्माण और लौह अयस्क (आयरन ओर) उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के कारण संभव हुई।
सरकार द्वारा जारी संशोधित कोर इंडस्ट्रीज़ इंडेक्स अब 2022-23 को आधार वर्ष मानकर तैयार किया गया है। इस बार इसमें लौह अयस्क को भी शामिल किया गया है, जिससे भारत की औद्योगिक गतिविधियों का अधिक व्यापक और सटीक आकलन किया जा सकेगा। यह बदलाव देश की बदलती आर्थिक संरचना को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, बिजली उत्पादन और सीमेंट निर्माण में तेज़ वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि देश में निर्माण कार्यों, विनिर्माण उद्योग और बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं। वहीं लौह अयस्क उत्पादन में हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी इस्पात उद्योग और खनन क्षेत्र में बढ़ती मांग का संकेत देती है।
हालाँकि कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों और उर्वरकों के उत्पादन में हल्की गिरावट दर्ज की गई, फिर भी समग्र प्रदर्शन सकारात्मक रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आधारभूत ढांचा विकास आने वाले महीनों में विनिर्माण, रोजगार सृजन, निवेश और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।
भारत सरकार द्वारा परिवहन, ऊर्जा, औद्योगिक विकास और आधुनिक अवसंरचना में किए जा रहे निरंतर निवेश का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में और अधिक मजबूती प्रदान करेगी तथा उद्योगों और निवेशकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी।


