ब्यूरो, प्रतापगढ़।
जनपद के कुंडा तहसील अंतर्गत ग्राम छतार में ग्रामसभा की बहुमूल्य सार्वजनिक भूमि पर भू-माफिया द्वारा अवैध कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में रही भूमि पर कथित फर्जी अभिलेखों के सहारे कब्जा कर लिए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रतापगढ़ से तत्काल हस्तक्षेप कर ग्रामसभा की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार गाटा संख्या 244 (276, 509), 514, 494 (ऊसर) तथा गाटा संख्या 137, 493 (बंजर) की ग्रामसभा भूमि पर गांव का सार्वजनिक रास्ता, आवागमन के मार्ग, सहन, निवास व आबादी की जमीन शामिल है। आरोप है कि गांव निवासी राम समुझ पुत्र महादेव ने वर्ष 2016 में कूटरचित दस्तावेजों के जरिए इन जमीनों का अपने नाम अवैध इंद्राज करा लिया और उसके बाद से दबंगई के बल पर कब्जा जमाए हुए है।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी न सिर्फ दबंग और पशुबल से लैस है, बल्कि आए दिन लोगों को जमीन से बेदखल करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता है। भय और दहशत के माहौल के चलते गांव के लोग व्यक्तिगत रूप से उसका विरोध करने की स्थिति में नहीं हैं। हालात ऐसे बन चुके हैं कि सार्वजनिक हित की यह भूमि धीरे-धीरे भू-माफिया के कब्जे में समाती जा रही है।
ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाया तो ग्रामसभा की जमीन पूरी तरह हड़प ली जाएगी। शिकायत में फर्जी इंद्राज को तत्काल निरस्त करने, अवैध कब्जा हटवाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम कुंडा ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए सीओ चकबंदी को स्वयं जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सवाल यह है कि जिला प्रशासन कब तक कार्रवाई कर ग्रामसभा की संपत्ति को भू-माफिया के चंगुल से मुक्त कराता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।


