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हैवानियत की हदें पार पति की दरिंदगी से अपाहिज हुई अंजली,बिस्तर से लगाई मदद की गुहार तो राजा भइया बने सहारा

हैवानियत की हदें पार पति की दरिंदगी से अपाहिज हुई अंजली,बिस्तर से लगाई मदद की गुहार तो राजा भइया बने सहारा

 

ब्यूरो प्रतापगढ़। जिले के कुंडा से एक दिल दहला देने वाली इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला को उसके ही पति ने इस कदर पीटा कि वह अपाहिज हो गई। महीनों तक बिस्तर पर तड़पती रही पीड़िता ने जब मदद की गुहार लगाई, तब कुंडा विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया’ और उनके कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़कर उसे नया जीवन देने की पहल की।
बताते चलें कि रायबरेली जिले के थाना गुरबक्शगंज अंतर्गत चंदई रघुनाथपुर गांव की रहने वाली अंजली अवस्थी की मुलाकात करीब दस साल पहले सलोन थाना क्षेत्र के मुतर्जानगर निवासी लवकुश यादव से हुई। शादी का झांसा देकर लवकुश उसे मध्यप्रदेश ले गया, जहां उसने अंजली का नाम बदलकर ज्योती रख दिया। कुछ समय बाद दोनों कुंडा पहुंचे और वैष्णो कॉलोनी में किराए के मकान में रहने लगे।
समय बीतने के साथ अंजली एक बेटी और एक बेटे की मां बनी, लेकिन पति की शराब की लत और हैवानियत उसकी जिंदगी को नर्क बनाती चली गई। आए दिन मारपीट आम बात थी। बीते 19 अगस्त को लवकुश ने लोहे की रॉड से अंजली पर जानलेवा हमला किया, जिससे उसकी कमर में गंभीर चोटें आईं और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गई। वारदात के बाद आरोपी पति फरार हो गया।
घर में तड़पती अंजली के पास न सहारा था, न इलाज। भूख से बिलखते मासूम बच्चों को एक परिचित अपने घर ले गया, जबकि अंजली अकेली बिस्तर पर पड़ी रही। न उठ पाने की हालत, न शौच जाने की क्षमता—पानी तक वह गला गीला करने भर पीती थी। पूरे घर में खाने को महज चार आलू और ओढ़ने को एक पतला कंबल, यही उसकी दुनिया रह गई थी।
जब पीड़िता ने मदद की गुहार राजा भइया तक पहुंचाई, तो उन्होंने तत्काल आर्थिक सहायता देकर उसे लोहिया अस्पताल, लखनऊ भिजवाया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन पैसे कम पड़ गए, जिससे अंजली वापस कुंडा लौट आई।
घटना की जानकारी मिलने पर हमारी टीम जब मौके पर पहुंची तो हालात देख आंखें नम हो गईं। इसके बाद जनसत्ता दल के कार्यकर्ता व समाजसेवी संजय जायसवाल को सूचना दी गई। संजय जायसवाल की टीम ने तत्परता दिखाते हुए रजाई-गद्दा समेत जरूरी सामान मुहैया कराया और इलाज के लिए कम पड़ रहे 55 हजार रुपये की व्यवस्था कर अंजली को फिर से लोहिया अस्पताल भेजा, जहां जल्द ही उसका ऑपरेशन किया जाएगा।
वहीं, पुलिस ने इस गंभीर मामले में मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन आरोपी पति अब तक फरार है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि अंजली उर्फ ज्योती जल्द स्वस्थ होकर अपने पैरों पर खड़ी हो, अपने बच्चों के साथ एक नई जिंदगी शुरू करे और इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से अपनी लड़ाई लड़ सके।

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