Rashtriya Lakshya: Online News Portal

“भविष्य आ चुका है, और वह भारत है” — पीयूष पंडित का सशक्त वैश्विक दृष्टिकोण

“भविष्य आ चुका है, और वह भारत है” — पीयूष पंडित का सशक्त वैश्विक दृष्टिकोण

 

सामाजिक उद्यमी, विधि विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहलों के संस्थापक पीयूष पंडित ने भारत की उभरती वैश्विक भूमिका को लेकर आज एक स्पष्ट, दूरदर्शी और आत्मविश्वास से भरा वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल संभावनाओं का देश नहीं रहा, बल्कि प्रदर्शन, गति और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ती एक निर्णायक वैश्विक शक्ति बन चुका है।
पीयूष पंडित ने कहा कि विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत आज वैश्विक विकास, निवेश और नवाचार का केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि “भविष्य भारत में है। भारत विश्व की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है। इसकी असली ताकत उसका युवा वर्ग, नवाचार की संस्कृति और मजबूत मूल्य हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। दुनिया की सबसे युवा आबादी के साथ भारत के युवा अब केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि स्टार्टअप,उद्यमिता और सामाजिक नवाचार के माध्यम से रोजगार सृजित करने वाले निर्माता बन रहे हैं।
पीयूष पंडित ने भारत के तेज़ी से बढ़ते प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश का विकास एकतरफा नहीं, बल्कि समग्र और संतुलित है।
पीयूष पंडित ने भारत में तेज़ी से बढ़ते कई प्रमुख क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिनमें स्टार्टअप और उद्यमिता—जहाँ नवाचार अब संस्कृति बन चुका है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी—जो बड़े पैमाने पर समावेशी विकास को संभव बना रहा है,मैन्युफैक्चरिंग और ‘मेक इन इंडिया’—भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बना रहा है, हरित ऊर्जा और सतत विकास—स्वच्छ और जिम्मेदार भविष्य की दिशा में भारत का नेतृत्व,स्वास्थ्य, फार्मा और बायोटेक्नोलॉजी—भारत को दुनिया की फार्मेसी बनाते हुए,शिक्षा और कौशल विकास—डिग्री आधारित नहीं, बल्कि कौशल आधारित ज्ञान अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता भारत,महिला सशक्तिकरण भारत की प्रगति की कुंजी शामिल हैं।
पीयूष पंडित ने भारत के भविष्य में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि “भविष्य महिलाओं का है। जब महिलाएँ उद्यमिता, शिक्षा, नेतृत्व और नवाचार में आगे बढ़ती हैं, तो परिवार, समाज और राष्ट्र—तीनों सशक्त होते हैं। महिला-नेतृत्व वाला विकास सामाजिक सुधार ही नहीं, बल्कि एक मजबूत आर्थिक रणनीति है।”
उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक निवेशकों को लोकतांत्रिक स्थिरता, कम लागत, कुशल मानव संसाधन और विशाल उपभोक्ता बाजार प्रदान करता है। यही कारण है कि भारत में निवेश अब केवल लाभदायक नहीं, बल्कि भविष्य-सुरक्षित भी है।
पीयूष पंडित ने कहा कि भारत का विकास मॉडल परंपरा और तकनीक, मूल्यों और आधुनिकता, तथा विकास और समावेशन का अनूठा संगम है, जो शहरी और ग्रामीण—दोनों भारत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि “आज दुनिया भारत में मिल रही है। वैश्विक नेता, निवेशक और नवाचारी अब भारत को संभावनाओं के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदारी के लिए देख रहे हैं।”
अपने वक्तव्य का समापन करते हुए पीयूष पंडित ने कहा कि भारत का उदय अस्थायी नहीं, बल्कि संरचनात्मक, स्थायी और दीर्घकालिक है।
“भविष्य आने वाला नहीं है—भविष्य आ चुका है।
भविष्य भारत है।
कल की महाशक्ति आज आकार ले रही है।”
पीयूष पंडित के बारे में बात करें तो पीयूष पंडित एक सामाजिक उद्यमी, विधि विशेषज्ञ और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अनेक संगठनों एवं पहलों के संस्थापक हैं। वे शिक्षा, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और सतत विकास के माध्यम से समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर सक्रिय हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *