ब्यूरो प्रतापगढ़। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर घुइसरनाथ धाम में 31वें राष्ट्रीय एकता महोत्सव का शुभारम्भ भव्य सद्भावना सभा के साथ हुआ। सई तट हर-हर महादेव के जयघोष और भक्ति संगीत से गुंजायमान रहा, जहां भक्ति और विकास दोनों का अनूठा संगम देखने को मिला।
मुख्य अतिथि राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि बाबा की कृपा से क्षेत्र में विकास और सामाजिक सौहार्द की परंपरा लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा, “भक्ति और विकास का यह संगम रामपुरखास को प्रदेश में विशिष्ट पहचान दिलाता रहेगा।”
अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता एवं विधायक आराधना मिश्रा मोना ने क्षेत्र में सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान देने का संकल्प दोहराया। सभा में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता की सामूहिक प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। स्वागत राघव मिश्र व संचालन ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने किया।
₹100 करोड़ की 101 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
महोत्सव मंच से क्षेत्र के विकास का नया अध्याय भी लिखा गया। सांसद और विधायक ने करीब ₹100 करोड़ की 101 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। प्रमुख कार्य— अठेहा-उमरार-ननौती-मुस्तफाबाद मार्ग (17 किमी) — ₹20 करोड़,मटटन नाले पर पुल — ₹5 करोड़,लालगंज-पुरवारा-धारूपुर-मोठिन मार्ग — ₹4.50 करोड़,लालगंज-संग्रामगढ़-रामपुर बावली हाईवे सुदृढ़ीकरण — ₹30 करोड़,पूर्वांचल विकास निधि व विधायक निधि से विभिन्न कार्य — ₹11 करोड़ हैं।
ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने योजनाओं को “ऐतिहासिक पहल” बताते हुए स्वागत किया।
लखनऊ के भजन गायक श्रीराम द्विवेदी ‘संदीप’ व श्रद्धा की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
“जय होवे तेरी जय होवे बाबा घुइसरनाथ”, “गंगा तेरी जटा से बहती है” और “बम-बम लहरी” जैसे भजनों पर शिवभक्त देर तक झूमते रहे। कलाकारों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
महाशिवरात्रि की सुबह प्रमोद तिवारी और मोना ने आम भक्तों की तरह कतार में खड़े होकर दर्शन किए तथा बेलपत्र, दूध और धतूरा अर्पित कर जलाभिषेक किया।
रात 2 बजे से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुरक्षा चाक-चौबंद दिखी। मुख्य कपाट खुलते ही सई तट से मंदिर द्वार तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं कीं। जिनमें सीसीटीवी निगरानी,अस्थायी चिकित्सालय,भंडारों की सेवा समेत भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात रहे।
लालगंज-सांगीपुर मार्ग तक पार्किंग व्यवस्था रही।
पैदल सेतु और पूरा परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।
इस तरह महाशिवरात्रि पर आयोजित राष्ट्रीय एकता महोत्सव ने जहां आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया, वहीं विकास परियोजनाओं की घोषणा ने रामपुरखास क्षेत्र को नई रफ्तार देने का संदेश भी दिया।


