Rashtriya Lakshya

 

Rashtriya Lakshya brings the Latest New & the Top Breaking headlines on Political, Economic, Social, Entertainment and many more. Explore the world under one roof and increase your knowledge base with Rashtriya Lakshya. We also give opportunity for Live Interviews, Debates to reach your voice to the Nation.

लक्ष्मीबाई को न सिर्फ अंग्रेजों से बल्कि भारतीय राजाओं से भी लड़ना पड़ा था : पीयूष पण्डित

नई दिल्ली : स्वर्ण भारत परिवार के राष्ट्रीय पीयूष पण्डित सहित सभी पदाधिकारियों ने रानी लक्ष्मी बाई के पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि देते हुए कहा एक रानी के तौर पर खुद को स्थापित करना उनके लिए बड़ी चुनौती था। लक्ष्मीबाई को समझ आ रहा था कि यदि झांसी का आत्मसम्मान वापस दिलावाना है तो देर-सवेर ब्रिटिश फौजों से युद्ध अवश्य होगा. लिहाजा रानी ने रियासत की सेना के साथ आम पुरुषों और महिलाओं को भी युद्ध के लिए तैयार करना शुरू कर दिया.

समय के साथ कुंवर दामोदर सात वर्ष के हो गए. रानी ने उनका उपनयन संस्कार करवाने का निश्चय किया. इसके बहाने लक्ष्मीबाई झांसी के सभी मित्र राजाओं, दीवानों और नवाबों को बुलाना चाहती थीं ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके. इस कार्यक्रम में नाना साहेब, राव साहेब, दिल्ली के सुल्तान बहादुर शाह और अवध के नवाब को आमंत्रित किया गया. बैठक में हिंदू और मुसलमान सैनिकों की फौज के प्रति नाराज़गी का जिक्र प्रमुखता से हुआ.उस समय के अधिकतर राजा महाराजा रानी के लिए लॉयल नही थे । प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली अजिता सिंह ने कहा आज की महिलाओं व युवाओं को रानी के जीवन को आत्मसात करना होगा ।इस मौके पर सीमा मिश्र उत्तरप्रदेश अध्यक्षा, मध्यप्रदेश अध्यक्षा मीनाक्षी शुक्ला दिशा फाउंडेशन मुखिया वंदना शुक्ला व एनिमल वेलफेयर ब्रांड एम्बेसडर रेखा वोहरा गीता पांडेय, संदीप पांडेय, प्रवक्ता संतोष पांडेय, आलोक तिवारी, चन्दन त्रिपाठी , ने भी श्रद्धांजलि देकर रानी लक्ष्मी बाई के जीवन से प्रेरणा प्राप्त की ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *