नई दिल्ली- आइपीएल 2018 की नीलामी अब पूरी हो चुकी है। हर बार की तरह इस बार भी बहुत से खिलाड़ी एक टीम को छोड़कर दूसरी टीम में चले गए हैं। आइपीएल की टीमों के लिए जब भी नीलामी होती है तो ज्यादातर खिलाड़ियों की टीमें बदल ही जाती हैं, कुछ ही खिलाड़ी ऐसे होते है जो अपनी पुरानी टीम के साथ रह जाते हैं। आइपीएल के 10 सीजन हो चुके हैं ज्यादातर खिलाड़ी दो या फिर दो से ज्यादा टीमों के साथ खेल चुके हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिन्होंने अभी तक आइपीएल में दूसरी टीम की जर्सी नहीं पहनी हैं। तो चलिए आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के बारे में-

1. विराट कोहली

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और विराट कोहली का साथ उतना ही पुराना है, जितना पुराना आइपीएल का ये टूर्नामेंट है। टीम इंडिया में एक खिलाड़ी से कप्तान बनने का सफर कोहली ने RCB के साथ रहते-रहते ही तय किया है। 2008 के पहले सीजन से लेकर आइपीएल 2018 की नीलामी के बाद भी कोहली बैंगलोर की टीम के साथ ही हैं। 2011 के सीजन के पहले कोहली एकलौते खिलाड़ी थे, जिन्हें RCB ने रिटेन किया था। इसके बाद उन्हें इस टीम का उप-कप्तान बनाया गया और डेनियल विटोरी को कप्तान चुना गया। विटोरी के संन्यास लेने के बाद इस टीम की कमान भी कोहली के हाथों में आ गई।

2. कीरोन पोलार्ड

वेस्टइंडीज़ के इस धुरंधर खिलाड़ी का साथ मुंबई इंडियंस (MI) की टीम ने अभी तक नहीं छोड़ा है। इस बार की नीलामी में कीरोन पालोर्ड को दिल्ली डेयरडेविल्स ने 5 करोड़ 40 लाख में खरीद लिया था, लेकिन मुंबई इंडियंस ने राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल करते हुए उन्हें वापस अपनी टीम में शामिल किया। अपने ऑल राउंडर प्रदर्शन से पोलार्ड ने कई बार मुंबई की टीम को जीत दिलाई है। मुंबई को तीन बार आइपीएल का चैंपियन बनाने में इस खिलाड़ी का अहम योगदान रहा है। यही वजह है कि आइपीएल के पहले सीजन से ही मुंबई की टीम ने भी पोलार्ड पर अपना भरोसा जमाया हुआ है।

3. शॉन मार्श

ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी को किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) की टीम ने आइपीएल के पहले सीजन में अपनी टीम में शामिल किया था। पहले ही सीजन में इस खिलाड़ी ने अपने बल्ले का दम दिखाते हुए सबसे ज्यादा रन बना डाले और ऑरेंज कैप पर भी कब्ज़ा जमाया। हालांकि इस बार की आइपीएल नीलामी में पंजाब की टीम ने इस खिलाड़ी का साथ छोड़ दिया और उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा। लेकिन फिर भी शॉन मार्श उन चुनिंदा खिलाड़ियों में मौजूदा हैं जिन्होंने आइपीएल में किसी भी दूसरी टीम की जर्सी नहीं पहनी।

4. लसिथ मलिंगा

अपनी यॉर्कर से दुनिया के बड़े से बड़े बल्लेबाज़ को हिला देने वाले लसिथ मलिंगा ने भी आइपीएल सिर्फ एक ही टीम से खेला है। मुंबई इंडियंस (MI) के लिए पिछले 10 सीजन में अहम गेंदबाज़ रहे मलिंगा का साथ इस बार मुंबई की टीम ने छोड़ दिया। मलिंगा को इस बार न तो MI ने रिटेन किया और न ही उन्हें नीलामी में खरीदा। आलम ये रहा कि उनके नाम पर किसी भी टीम ने बोली नहीं लगाई। आइपीएल 2011 में पर्पल कैप विनर रहे मलिंगा को भले ही किसी भी टीम ने अपने बेड़े में शामिल न किया हो, लेकिन वो भी इस टूर्नामेंट के गिन-चुने खिलाड़ियों में हैं जिन्होंने आइपीएल एक ही टीम से खेला है।

5. हरभजन सिंह

हरभजन सिंह आइपीएल के पहले सीजन से ही मुंबई इंडियंस के साथ जुड़े हुए थे, लेकिन इस बार की नीलामी के बाद अब वो चेन्नई सुपर किंग्स की पीली जर्सी में नज़र आंएगे। भले ही भज्जी की टीम अब बदल गई हो, लेकिन अभी तक तो वो उन खिलाड़ियों में शुमार हैं, जिन्होंने आइपीएल की दूसरी टीम की जर्सी अभी तक नहीं पहनी। MI की नीली जर्सी के साथ हरभजन सिंह ने आइपीएल के 10 सीजन खेले जिसमें से तीन बार उनकी टीम चैंपियन भी रही। हरभजन सिंह की कप्तानी में ही मुंबई इंडियंस ने चैंपियंस लीग का खिताब भी जीता था।

6. अंबाती रायडू

अंबाती रायडू भी आइपीएल के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने अभी तक किसी दूसरी टीम की जर्सी नहीं पहनी है। मुंबई इंडियंस की टीम ने रायडू का साथ 7 सीजन के बाद छोड़ा। आइसीएल (ICL) को छोड़ने के बाद 2010 में रायडू आइपीएल से जुड़े और उन्हें मुंबई की टीम ने खरीद लिया। 2010 से लेकर अभी तक रायडू मुंबई की टीम का हिस्सा रहे, लेकिन इस बार की नीलामी में MI ने उनका साथ छोड़ दिया। इस बार की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें अपने बेड़े में शामिल कर लिया।

7. सचिन तेंदुलकर

अपनी रिटायरमेंट से पहले सचिन तेंदुलकर ने भी आइपीएल सिर्फ और सिर्फ एक ही टीम के लिए खेला और वो थी मुंबई इंडियंस की टीम। MI के लिए खेलेते हुए 2010 के सीजन में सचिन ने सबसे ज्यादा रन बनाते हुए आरेंज कैप हासिल की। 2013 में मुंबई के आइपीएल चैंपियन बनने के बाद ही सचिन ने इस टूर्नामेंट से अपनी रिटायरमेंट का एलान कर दिया था।

8. अनिल कुंबले

अनिल कुंबले ने भी आइपीएल सिर्फ और सिर्फ एक ही टीम की जर्सी पहनकर खेला। 2010 में अपना आखिरी टूर्नामेंट खेलने वाले अनिल कुंबले ने रॉयल चैलैंजर्स बैंगलोर की तरफ से आइपीएल खेला था। कुंबले ने जब आइपीएल छोड़ा तब वो RCB के कप्तान थे। कुंबले के बाद ये जिम्मेदारी न्यूज़ीलैंड के स्पिन गेंदबाज़ डेनियल विटोरी ने निभाई थी।

 

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