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दिल्ली के नए कांग्रेस चीफ के लिए शीला दीक्षित का नाम सबसे आगे, पढ़िये- पूरी स्टोरी

2019 के लोकसभा चुनाव में समय बहुत कम बचा है। इसको भांपते हुए आलाकमान ऐसे नेता को ही जिम्मेदारी देना चाहते हैं, जिसके नाम पर कोई विरोध न हो। अगले साल दिल्ली विस चुनाव भी होना है|

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। अजय माकन के इस्तीफे पर राहुल गांधी की मुहर लगते ही प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष के लिए दो नाम रेस में आ गए हैं। सबसे आगे पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और दूसरे नंबर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं मंत्री डॉ. योगानंद शास्त्री का नाम चल रहा है। चर्चा है कि इन्हीं में से किसी एक के सिर पर ताज सज सकता है। दिल्ली कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि संभव है कि प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित आगामी लोकसभा चुनाव और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए यह पद दिया जा सकता है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष पद के लिए अन्य नामों के साथ वैश्य समाज से पूर्व सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल, पंजाबी समुदाय से पूर्व मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली, पूर्व विधायक देवेंद्र यादव एवं अल्पसंख्यक समुदाय से पूर्व मंत्री हारून यूसुफ के नाम भी शामिल हैं।

2019 के लोकसभा चुनाव में समय बहुत कम बचा है। इसको भांपते हुए आलाकमान ऐसे नेता को ही जिम्मेदारी देना चाहते हैं, जिसके नाम पर कोई विरोध न हो। उम्मीद है कि माकन ने दिल्ली में पार्टी का जो ग्राफ ऊपर उठाया है, उसे नया अध्यक्ष और आगे लेकर जाए।

दिल्ली में ऐसे बढ़े वोट

जानकारी हो कि 2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मत फीसद जहां महज 9.66 रह गया था, वहीं नगर निगम एवं कई उप चुनाव के बाद 26.24 फीसद तक पहुंच गया है। लोकसभा चुनाव होने हैं ऐसे में कांग्रेस ऐसे शख्स को अध्यक्ष बनाना चाहेगी जिसे आप से गठबंधन पर आपत्ति न हो।

चाको से मिलने पहुंचने लगे नेता

माकन का इस्तीफा स्वीकार होते ही प्रदेश के कई नेता एकाएक सक्रिय हो गए हैं। पूर्व मंत्री डॉ. ए के वालिया ने तो बृहस्पतिवार शाम ही प्रदेश प्रभारी पीसी चाको से मुलाकात की। शुक्रवार को पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र नाथ, पूर्व मंत्री डॉ. किरण वालिया, प्रदेश कांग्रेस में महासचिव एवं एआइसीसी सदस्य ओमप्रकाश विधूड़ी, वरिष्ठ नेता चतर सिंह एवं ब्रहम यादव ने चाको से मुलाकात कर नए अध्यक्ष को लेकर अपनी राय दी।

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ कांग्रेस के गठबंधन के फैसले की खबरों के बीच दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन पद से इस्तीफा दे चुके हैं। अजय माकन ने बृहस्पतिवार शाम को राहुल गांधी से मुलाकात करके इस्तीफा सौंपा, जिसे कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया था। इससे पहले भी वे स्वास्थ्य की वजह से इस्तीफा देने की बात कर चुके थे लेकिन पार्टी हाई कमांड ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

अजय माकन ने अपने इस्तीफे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने ट्वीट किया- ‘2015 विधान सभा के उपरान्त बतौर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष- पिछले 4 वर्षों से, दिल्ली कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा, कांग्रेस कवर करने वाली मीडिया द्वारा, एवं हमारे नेता राहुल गांधी जी द्वारा, मुझे अपार स्नेह तथा सहयोग मिला है। इन कठिन परिस्थितियों में यह आसान नहीं था! इसके लिए ह्रदय से आभार!’

इस तरह की खबरें लगातार आ रही थीं कि अजय माकन हमेशा से ही कांग्रेस और AAP गठबंधन के खिलाफ थे। अजय माकन के इस्तीफे के साथ माना जा रहा है कि लोकसभा चुनावों के लिए दोनों पार्टियों का गठबंधन हो सकता है। गौरतलब है कि तीन राज्यों में सरकार बनाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक समान विचारधारा के लोगों से साथ आने की अपील की थी।

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